कोरोना टीकाकरण अभियान: इन राज्यों के पास नहीं है वैक्सीन का स्टॉक, फिर कैसा होगा 1 मई से वैक्सीनेशन

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 1 मई से 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को वैक्सीन लगाए जाने का ऐलान किया था। सरकार की इस घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल वैक्सीन के स्टॉक का है। क्या केन्द्र के पास सभी राज्यों के लिए पर्याप्त स्टॉक है ? दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों द्वारा लगातार वैक्सीन की कमी की बात कही जाना सही है ? जब इन सवालों को लेकर जमीनी हकीकत को जाना गया तो एक बड़ी समस्या निकलकर सामने आई। 

देश के कई राज्यों में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं हैं, जिसके कारण वह वैक्सीनेशन हो पाना इस समय बहुत मुश्किल है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार भारत के कई राज्यों में 1 मई से कोविड टीकाकरण अभियान की शुरुआत नहीं होगी ! 26 अप्रैल को महाराष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़ी जनसंख्या के लिए उनके पास पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन की कमी के कारण यह अभियान चलाना मुश्किल होगा। केंद्र के द्वारा दिए गए नए दिशानिर्देश के अनुसार राज्य को अपनी वैक्सीन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।

अन्य राज्यों को स्थगित करना पड़ा अभियान
25 अप्रैल को पांच अन्य राज्यों ने भी माना कि वैक्सीन के अभाव में टीकाकरण के अगले चरण को स्थगित किया गया है। इन राज्यों में राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, केरल और असम शामिल है। आप को बता दे कि फिलहाल केरल और असम में विधानसभा चुनाव चल रहे है। जिनके नतीजे 2 मई को आने है। भारत में 1 मई से 18-44 वर्ष के सभी लोगों को टीका लगना है। महाराष्ट्र भी उन राज्यों में शामिल है; जहां कोविड के सबसे ज़्यादा केस मौजूद है अगर टीकाकरण अभियान 1 मई से शुरु नहीं होगा तो एक बड़ा वर्ग इससे प्रभावित होगा।

चुनाव परिणाम से प्रभावित होगी वैक्सीन की उपलब्धता
असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 अप्रैल को कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह हैं कि राज्य में 18- 45 वर्षीय लोगों का टीकाकरण मई के पहले सप्ताह में शुरु हो जाएगा। 2 मई को चुनाव परिणाम है, तब शायद टीके की उपलब्धता संभव हो। उन्होंने आगे बताया कि वैक्सीन का ऑर्डर भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट को दिया गया है। जब सरकार को टीका मिलेगा तभी टीकाकरण की शुरुआत होगी। फिलहाल, केंद्र सरकार के नए दिशानिर्देश के अनुसार तय होगा कि किस राज्य को कितनी मात्रा में वैक्सीन प्राप्त होगी। हिमंत बिस्वा ने आगे कहा कि असम चुनाव के नतीजे दो मई को आने वाले है और 4 मई को वैक्सीन के लिए भुगतान करना है, इसीलिए मई के पहले हफ्ते में 18-45 वर्ष के सभी लोगों को टीकाकरण लग जाना मुश्किल है। लेकिन पंजीकरण के लिए पोर्टल शुरु हो जाएगा।

SII और भारत बायोटेक से भी बात
महाराष्ट्र ने सीरम इंस्टीट्यूट एवं भारत बायोटेक को भी पत्र लिखा हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। राज्य ने तीन निर्माताओं से बात की है, जिनमें डॉ रेड्डीज लैब्स भी मौजूद है। फिलहाल केंद्र सरकार ने वैक्सीन के लिए स्टॉक बुक किया है। राज्य के अधिकारी के अनुसार किस राज्य को कितनी वैक्सीन देनी हैं,यह निर्माता तय करेंगे। राज्य स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के अधिकारी ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट के साथ हमारी बातचीत का माध्यम खुला है और हम लगातार बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी हम नहीं जानते कि कितना स्टॉक मिलेगा और अगले कितने दिनों में सप्लाई की जाएगी।  राज्य ने डॉ रेड्डीज लैब्स से चर्चा नहीं की क्योंकि लैब्स ने अभी तक अपनी वैक्सीन की दरों की घोषणा नहीं की है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने टीको की खरीद के लिए वैश्विक प्रस्तावो पर ही काम करेंगे। राज्य में 28 अप्रैल से CoWIN ऐप से पंजीकरण की व्यवस्था सुचारु की जाएगी। लेकिन वैक्सीन एक मई से नहीं लगाई जाएगी। राज्य के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक एन रामास्वामी ने कहा कि टीका की उपलब्धता एक बड़ी समस्या है। एक बार हमारे पास सप्लाई मिल जाए फिर हम 18 वर्ष से ऊपर वर्ष के सभी लोगों के लिए टीकाकरण की व्यवस्था करेंगे।

45 लाख डोज का ऑर्डर देने वाला पहला राज्य एमपी
मध्यप्रदेश सरकार ने वैक्सीन के लिए पहला ऑर्डर दे दिया है। 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन के लिए राज्य सरकार ने 45 लाख डोज का पहला ऑर्डर सीरम इंस्टीयूट को दिया है। सरकार पहले कोविड वैक्सीन खरीदेगी जिसकी कीमत 180 करोड़ रुपए होगी। प्रदेश में 3.40 करोड़ लोगों को टीका लगना है। जिसपर सरकार 2710 करोड़ खर्च करेगी। 

राज्य जहां सबसे ज़्यादा मामले 
इंडिया फाइट कोरोना के ट्वीट के अनुसार आज भारत में कुल 28 लाख 82 हजार 204 एक्टिव केस है, वहीं ठीक होने वाले लोगों की संख्या 1 करोड़ 45 लाख 56 हजार 209 है। सबसे ज़्यादा मामलों वाले राज्य में महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, केरल और दिल्ली मौजूद है। यहां संक्रमण की दर सबसे अधिक है। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में 66 हजार 191 उत्तरप्रदेश में 35 हजार 311 कर्नाटक में 34 हजार 804 केरल 28 हजार 469 दिल्ली में 22 हजार 933 केस दर्ज़ किए गए है। भारत में कुल 82.5 प्रतिशत लोग संक्रमण को मात दे चुके है।

राज्य जहां सबसे कम मामले
जहां एक तरफ कोरोना अपना कहर भरपा रहा है, वहीं देश के कई अन्य राज्य है जहां कोरोना के सबसे कम मामले दर्ज किए गए है। इनमें सिक्कम, दादरा एंड नगर हवेली, अंडमान निकोबार, लदाख, मिजोरम शामिल है।

कितने लोगों ने लगवाई वैक्सीन
स्वास्थ मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में 33 लाख 59 हजार 963 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है, वहीं पहली डोज वाले 20 लाख 95 हजार 233 लोगों है और दूसरी डोज 12 लाख 64 हजार 740। अब जानते है कोरोना से प्रभावित राज्यों में कितनी लोगों को दोनों डोज की वैक्सीन लग चुकी है महाराष्ट्र में कुल 1 करोड़ 49 लाख 06 हजार 543, कर्नाटक 88 लाख 92 हजार 708, केरल में 69 लाख 91 हजार 400, उत्तरप्रदेश में 1 करोड़19 लाख 47 हजार 728, और दिल्ली में 30 लाख 61 हजार 554 लोगों को। 2011 की जनसंख्या के अनुसार मुंबई की कुल आबादी 1 करोड़ 25 लाख है वही, उत्तर प्रदेश की 19 करोड़ 98लाख, कर्नाटक की 6करोड़11 लाख, केरल  3 करोड़ 34लाख, दिल्ली की 1करोड़ 39 लाख है।



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Unable to jab 18+ due to lack of vaccine Vaccination in India from 1 May
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