Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com,मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है। एक्ट्रेस ज्यादातर मुद्दों पर खुलकर बात करती है। एक बार फिर जूही ने अपने विचारों को खुलकर सभी के सामने रखा और भारत में आने वाली 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ आवाज उठा दी। दरअसल, जूही चावला साफ-सफाई और पर्यावरण को लेकर अक्सर समाज में जागरुकता फैलाने का काम करती है। 5जी टेक्नोलॉजी का सीधा असर पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। यही वजह हैं कि, जूही ने 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है। 5 जी तकनीक अगर भारत में लागू हो गई तो, इससे आप सभी के सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेंगा।
क्योंकि 5जी मोबाइल टावरों से बेहद हानिकारक रेडिएशन निकलेगा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ ये इंसानी स्वास्थ्य को भी प्रभावित करेगा। इन सब बातों के मद्देनजर जूही ने इस तकनीक के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, इसकी सुनवाई आज होने वाली थी लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो जूही की याचिका को कोर्ट में दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया है और अब इसकी सुनवाई 2 जून की होगी।
जूही ने क्या मांग की
जूही ने 5जी तकनीक के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसकी सुनवाई 2 जून को होगी। जूही ने एक याचिका कोर्ट में लगाई है। इस याचिका में जूही ने मांग की हैं कि, 5जी टेक्नोलॉजी को लागू करने से पहले इसके हर एक पहलू को बेहद ध्यान से पढ़ा जाएं और इससे प्रभावित होने वाली बात का भी ख्याल रखा जाए। सारी बातों को मद्देनजर रखते हुए इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने का फैसला लिया जाए। इसके अलावा जूही ने याचिका में कहा कि, भारत में दूरसंचार की योजनानुसार 5जी तकनीक को लागू किया गया तो, ऐसा कोई भी व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीड़े-मकोड़े या पेड़-पौधे नहीं होंगे, जो इसके प्रभाव से अछूते रह जाए।
सभी लोग इससे निकलने वाली 24 घंटे और साल के 365 दिन आरएफ विकिरण के स्तर से नहीं बच पाएंगे। बता दें कि, जितनी विकिरण से अभी हानि हो रही हैं,,,अगर इस तकनीक को लागू कर दिया गया तो उससे 10 से 100 गुना अधिक विकिरण निकलेंगे और सभी को बुरी तरह प्रभावित करेंगे। जूही चावला की तरफ से अधिवक्ता दीपक खोसला ने याचिका में कहा है कि सक्षम प्राधिकार/अधिकारियों को इस बात को प्रमाणित करने का निर्देश देने की मांग की है कि 5जी तकनीक लोगों, बच्चों, जानवरों और हर प्रकार के जीवों, वनस्पतियों के लिए सुरक्षित है।
जूही चावला ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि, हम एडवांस टेक्नोलॉजी के खिलाफ बिल्कुल भी नहीं हैं, लेकिन हम टेक्नोलॉजी की दुनिया से निकलने वाले नए प्रोडक्ट्स को लेकर एक बात साफ कर दे कि, ऐसे वायरफ्री नेटवर्क और गैजेट्स से ऐसे हानिकारक रेडिएशन निकलते हैं कि, इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा पर पड़ता है। पर्यावरण भी इससे अछूती नहीं रहती है।
हालांकि, पर्यावरण और लोगों की स्वास्थ्य को लेकर इतनी चिंतित अभिनेत्री की याचिका पर कोर्ट क्या सुनवाई करता हैं, ये तो 2 जून को ही पता चलेगा। फिलहाल जूही की याचिका पढ़कर ऐसा लग रहा हैं कि, तकनीक चाहे जो हो, हमे ऐसे किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, जिसकी वजह से मानव और पर्यावरण के बीच का संतुलन बिगड़ता है।
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News.
from दैनिक भास्कर हिंदी https://ift.tt/34xrrcf
https://ift.tt/2TpKWkx
Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com,मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है। एक्ट्रेस ज्यादातर मुद्दों पर खुलकर बात करती है। एक बार फिर जूही ने अपने विचारों को खुलकर सभी के सामने रखा और भारत में आने वाली 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ आवाज उठा दी। दरअसल, जूही चावला साफ-सफाई और पर्यावरण को लेकर अक्सर समाज में जागरुकता फैलाने का काम करती है। 5जी टेक्नोलॉजी का सीधा असर पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा। यही वजह हैं कि, जूही ने 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की है। 5 जी तकनीक अगर भारत में लागू हो गई तो, इससे आप सभी के सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ेंगा।
क्योंकि 5जी मोबाइल टावरों से बेहद हानिकारक रेडिएशन निकलेगा और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ ये इंसानी स्वास्थ्य को भी प्रभावित करेगा। इन सब बातों के मद्देनजर जूही ने इस तकनीक के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, इसकी सुनवाई आज होने वाली थी लेकिन रिपोर्ट्स की मानें तो जूही की याचिका को कोर्ट में दूसरी पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया है और अब इसकी सुनवाई 2 जून की होगी।
जूही ने क्या मांग की
जूही ने 5जी तकनीक के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिसकी सुनवाई 2 जून को होगी। जूही ने एक याचिका कोर्ट में लगाई है। इस याचिका में जूही ने मांग की हैं कि, 5जी टेक्नोलॉजी को लागू करने से पहले इसके हर एक पहलू को बेहद ध्यान से पढ़ा जाएं और इससे प्रभावित होने वाली बात का भी ख्याल रखा जाए। सारी बातों को मद्देनजर रखते हुए इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने का फैसला लिया जाए। इसके अलावा जूही ने याचिका में कहा कि, भारत में दूरसंचार की योजनानुसार 5जी तकनीक को लागू किया गया तो, ऐसा कोई भी व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीड़े-मकोड़े या पेड़-पौधे नहीं होंगे, जो इसके प्रभाव से अछूते रह जाए।
सभी लोग इससे निकलने वाली 24 घंटे और साल के 365 दिन आरएफ विकिरण के स्तर से नहीं बच पाएंगे। बता दें कि, जितनी विकिरण से अभी हानि हो रही हैं,,,अगर इस तकनीक को लागू कर दिया गया तो उससे 10 से 100 गुना अधिक विकिरण निकलेंगे और सभी को बुरी तरह प्रभावित करेंगे। जूही चावला की तरफ से अधिवक्ता दीपक खोसला ने याचिका में कहा है कि सक्षम प्राधिकार/अधिकारियों को इस बात को प्रमाणित करने का निर्देश देने की मांग की है कि 5जी तकनीक लोगों, बच्चों, जानवरों और हर प्रकार के जीवों, वनस्पतियों के लिए सुरक्षित है।
जूही चावला ने एबीपी न्यूज से बात करते हुए कहा कि, हम एडवांस टेक्नोलॉजी के खिलाफ बिल्कुल भी नहीं हैं, लेकिन हम टेक्नोलॉजी की दुनिया से निकलने वाले नए प्रोडक्ट्स को लेकर एक बात साफ कर दे कि, ऐसे वायरफ्री नेटवर्क और गैजेट्स से ऐसे हानिकारक रेडिएशन निकलते हैं कि, इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा पर पड़ता है। पर्यावरण भी इससे अछूती नहीं रहती है।
हालांकि, पर्यावरण और लोगों की स्वास्थ्य को लेकर इतनी चिंतित अभिनेत्री की याचिका पर कोर्ट क्या सुनवाई करता हैं, ये तो 2 जून को ही पता चलेगा। फिलहाल जूही की याचिका पढ़कर ऐसा लग रहा हैं कि, तकनीक चाहे जो हो, हमे ऐसे किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, जिसकी वजह से मानव और पर्यावरण के बीच का संतुलन बिगड़ता है।
.Download Dainik Bhaskar Hindi App for Latest Hindi News. May 31, 2021 at 04:51PM
.
0 Comments :
Post a Comment
Please do not post the SPAM comment.