डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस की नई कोरोनावायरस वैक्सीन 'स्पुतनिक लाइट' को भारत में इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी मिल गई है। सिंगल डोल वाली इस वैक्सीन को रूस में एक दिन पहले ही इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी। स्पुतनिक लाइट की सफलता का प्रतिशत 80 फीसदी बताया जा रहा है। 5 दिसंबर 2020 से 15 अप्रैल 2021 तक इसका ट्रायल किया गया था।
Good News: Sputnik Light, single dose Vaccine for #COVID19 gets Drugs Controller General of India's approval for use in India. Russia gave approval to it yesterday only. @JournoPranay
— Sanjay Bragta (@SanjayBragta) May 7, 2021
स्पुतनिक लाइट को बनाने वाली कंपनी का दावा है कि यह कोरोना वायरस के हर स्ट्रेन के खिलाफ कारगर साबित है। इसका अलग-अलग म्यूटेंट पर टेस्ट किया गया है। अभी तक इस वैक्सीन के लगने के बाद किसी भी व्यक्ति में कोई सीरियस बीमारी या लक्षण भी पैदा नहीं हुए हैं। स्पुतनिक लाइट की शुरुआती कीमत 10 डॉलर तक आंकी गई है। हालांकि अलग-अलग देशों में इसका रेट अलग हो सकता है।
कंपनी का कहना है कि वैक्सीन का सिंगल शॉट ही कारगर है। ऐसे में इससे कम वक्त में बड़ी जनसंख्या को टीका लगाया जा सकता है और संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है। रूस, यूएई, घाना जैसे कई देशों में करीब 7,000 लोग इसके तीसरे चरण के क्लीनिकल स्टडी में शामिल किए गए थे। दुनिया में अभी तक जो भी वैक्सीन आई हैं, उनमें से अधिकतर डबल डोज़ वैक्सीन ही हैं।
इससे पहले रूस की ही स्पुतनिक वी वैक्सीन को भारत में अप्रूवल दिया गया था। दो डोज वाली इस वैक्सीन की पहली किस्त 1 मई को ही भारत पहुंची थी। हालांकि, इसका इस्तेमाल कब से शुरू होगा, ये साफ नहीं है। वैसे भारत में स्पुतनिक-वी वैक्सीन का प्रोडक्शन हैदराबाद की डॉ. रेड्डी लैब्स के साथ मिलकर किया जा रहा है। वैक्सीन का सफलता प्रतिशत भी 91 फीसदी बताया जा रहा है। 60 देशों में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
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